About Us

About Us – जय आदिवासी

Jayadivasi.com एक ऐसा मंच है, जो भारत के आदिवासी समुदायों की समृद्ध विरासत, संस्कृति, परंपराओं और आधुनिक दुनिया में उनके संघर्षों को उजागर करने के लिए समर्पित है।

हमारा मिशन है – आदिवासी जीवन के हर पहलू को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करना, चाहे वह हो उनके त्योहार, खानपान, कला, भाषा, वनोपज, या फिर उनके सामने आने वाली चुनौतियाँ।


🌿 हमारी जड़ें: नंदुरबार, सातपुड़ा की गोद में

सातपुड़ा की पहाड़ियों में एक युवा आदिवासी – Jayadivasi.com

यह वेबसाइट महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा संचालित है – जो सातपुड़ा की पहाड़ियों से घिरा आदिवासी बहुल क्षेत्र है।

हमारा परिवार और समुदाय भील, पावरा, गावित, कोकणा जैसी जनजातियों के बीच रहता है।

हमने धडगांव, अक्कलकुवा, तलोदा जैसे पहाड़ी इलाकों में प्रकृति के करीब रहते हुए आदिवासी जीवन को बचपन से देखा और समझा है।

यहाँ के जंगल हमें सीताफल, करवंद, जामुन, महुआ, केंदू, चारा जैसा रानमेवा (जंगली फल) देते हैं,

और यहाँ के हाट बाज़ार हमें आदिवासी हस्तशिल्प, परंपराओं और सामुदायिक भाईचारे का सबक सिखाते हैं।

Jayadivasi.com की शुरुआत इसी स्थानीय अनुभव से हुई है – लेकिन हमारा लक्ष्य इससे कहीं बड़ा है।


🇮🇳 हमारा विजन: पूरे भारत के आदिवासी समुदायों को आवाज़ देना

हमारा विजन: पूरे भारत के आदिवासी समुदायों को आवाज़ देना

हम यहीं नहीं रुकते। नंदुरबार जिल्हे से हमारी शुरुआत है, हमारी जड़ है – लेकिन हमारी उड़ान पूरे देश की है।

धीरे-धीरे हम भारत के सभी राज्यों के प्रमुख आदिवासी समुदायों को कवर करेंगे

– चाहे वह मध्य प्रदेश का गोंड, बैगा, झारखंड का संथाल, मुंडा, हो, छत्तीसगढ़ का माड़िया, हल्बा,

राजस्थान का भील, मीणा, उड़ीसा का कोंध, सोरा, पूर्वोत्तर का खासी, गारो, नागा, दक्षिण भारत का इरुला, टोडा,

या अंडमान-निकोबार का जरावा, सेंटिनलीज़

हमारी कोशिश होगी कि हर जनजाति की भाषा, रीति-रिवाज, त्योहार, वेशभूषा, खान-पान, चिकित्सा पद्धति,

कला-संस्कृति और आजीविका तथा उससे सम्बंधित सरकारी योजनाओंको प्रामाणिक और रोचक तरीके से आप तक पहुँचाया जाए।


✍️ हम कैसे लिखते हैं?

हम AI का उपयोग एक टूल के रूप में करते हैं – ड्राफ्ट तैयार करने के लिए।

लेकिन हर लेख को हम स्थानीय जानकारी, प्रत्यक्ष अनुभव, और जमीनी हकीकत से जोड़ते हैं

हमारा हर ब्लॉग पोस्ट किसी न किसी आदिवासी बुजुर्ग की बातचीत, किसी हाट बाजार की यात्रा, या किसी जंगल में बिताए गए दिन से प्रेरित होता है।

हम E-E-A-T (Experience, Expertise, Authoritativeness, Trustworthiness) पर विश्वास करते हैं

– यानी हम वही लिखते हैं जो हमने देखा, सुना और महसूस किया है।


🤝 हमसे जुड़ें

आप हमें इन माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:

  • ईमेल: info@jayadivasi.com

  • पता: Jayadivasi.com (मुख्यालय: शहादा, महाराष्ट्र)

आप हमारी वेबसाइट पर कॉन्टैक्ट फॉर्म भी भर सकते हैं। हम आपके सुझाव, सवाल और आलोचना का स्वागत करते हैं।

चलिए, मिलकर आदिवासी संस्कृति को सहेजें, सम्मान दें, और दुनिया के सामने लाएँ।

जय आदिवासी! 🙏

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